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Friday, October 21, 2011

Mai Bhi Mobile Phone Bajaau Ga

Piyush
तरह तरह के रिंग टोन लगाऊ गा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
हर angle से फोटो लूँगा
FaceBook पर अपनी प्रोफाइल सजाऊ गा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
दोस्तों से फिर लम्बी बाते
sms का पैक डलाऊ गा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
माँ-बापू का न रहे गा डर
जब बजे गा Girl Friend का नंबर
झट से दौड़ा जाउगा
छत के उपर बैठ देर रात तक बतियाऊ गा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
अब करनी हो बुकिंग ट्रेन की
या फिर movie जाना हो
इन्टरनेट खोल मोबाइल पर
देर तक चैटिय़ाउगा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा


पियूष श्रीवास्तव

Sunday, September 25, 2011

समझाने की मैं कोशिश करता

समझाने की मैं कोशिश करता
क्या तुम समझ भी पाती हो
तुम पर अपना प्यार लुटाता
क्या तुम इतरा जाती हो
छेड़ा करता तुमको ख्वाबो में
क्या तुम शरमा जाती हो
हर पल सोचा करता मैं तुमको
क्या याद मुझे भी तुम कर पाती हो
वक्त की सुई टिक-टिक चलती
क्या तुम घड़िया गिन पाती हो
मेरी आखों में अब नीद नहीं
क्या रातो को तुम सो जाती हो
तेरी हर एक धड़कन पहचान मैं जाता
क्या मेरी आहट तुम सुन पाती हो
हर अहसास तेरे अब मेरे
क्या महसूस मेरी सासों को तुम कर पाती हो
वर्षा करता रहता मैं पियूष की
क्या एक बूद भी पी पाती हो
समझाने की मैं कोशिश करता
क्या तुम समझ भी पाती हो

Tuesday, May 31, 2011

Let's fly

Let's think if we have wings
Traveling is become so easy
We fly here and their
No one can disturb us
We crass all rivers and ocean
We jump highest mountain
Then we fly towards sky
And fly and fly and
We Fly away from the sky

Wednesday, May 25, 2011

I was alone


Ones a time I think I am fine

But I was wrong

Because I was alone

wind was blowing

moon was glowing

wave sounded good

but I was not happy

as I thought

I had no one

I was alone

Sunday, May 15, 2011

Meri Parchayi

जब सोचता हूँ तुम्हारे बारे में 
फिर सोचता हूँ  की तुम कैसी हो  
तुम ऐसी हो या तुम वैसी हो 
फिर जब देखता हूँ दूर तलक आईने में
और तब सोचता हूँ तुम्हारे बारे में 
फिर ये ख्याल आता है 
न तुम ऐसी हो न तुम वैसी हो
तुम बस मेरे जैसी हो

Wednesday, February 23, 2011

BasTum

मेरी तमाम खुशियों की मुक्मल तस्वीर हो तुम
तपतपाती रेत पर शीतल छाव तुम 
भटकता राहो पर मै मेरी हर मक़ाम हो तुम
धड़क उठे दिल मेरा फिर एक बार 
जिसके आजाने से
मेरी वो प्राण हो तुम
कान फिर सुनने लगे 
जिव्हा फिर बोल पड़े 
जो एक नाम, वो नाम हो तुम
मेरे लिए मेरी जान हो तुम  

Tuesday, October 5, 2010

When We Will be Together


In the whole sky

I will give you chance

To fly

Not on only your thinking

Also your dream

Become true

Let me hold your hand

You will see How much your life change

Monday, September 20, 2010

अधूरे सपने

जिंदिगी के कुछ रिश्ते है
जो बन नहीं पाते
कुछ फासले होते है जिंदगी के
जो मिट नहीं पाते
मंजिले कई होती है जिंदगी की
कुछ मंजिले हम पा नहीं पाते
उड़ना तो चाहते है आकाश की उचाइयो में,
कुछ पर है जो खुल नहीं पाते
फस जाते है जिंदगी के उधेड़-बुन में
और कुछ सपने है जो पुरे हो नहीं पाते |

अकेला मन

कोई न साथ निभायेगा
रे मेरे मन
माँ बाप संग तेरे
जिनके गोद में बिता तेरा बचपन
कब तक दोस्त संग तेरे
रिश्ते नाते प्यार भी तेरा
एक दिन साथ देगा छोड़ तेरा तन
कुछ तो ऐसा कर जायो, कि
याद करे सारे जन
लाखो की भीड़ में
तू अकेला, अकेला तेरा तन
 वो मेरे मन |

Sunday, May 9, 2010

आरजू

सोचता है मन
जीवन का यह उपवन
दुखो कि बारिस
काटों भरा ये जीवन
शीतल पवन के झोके सा
आता जता सुख
पलके आशुओ में डूबी
हसी होठो से विमुख
पर्वत सा अचल मैं
कर्म पथ पर
करता प्रहार
चुनौतियो से घिरा संसार
अटल विश्वास
छुने कि आसमान की ऊँचाई
सपने मन में सजोये
मैं करता प्रयास
उन्हें करने को साकार
 
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