तरह तरह के रिंग टोन लगाऊ गा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
हर angle से फोटो लूँगा
FaceBook पर अपनी प्रोफाइल सजाऊ गा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
दोस्तों से फिर लम्बी बाते
sms का पैक डलाऊ गा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
माँ-बापू का न रहे गा डर
जब बजे गा Girl Friend का नंबर
झट से दौड़ा जाउगा
छत के उपर बैठ देर रात तक बतियाऊ गा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
अब करनी हो बुकिंग ट्रेन की
या फिर movie जाना हो
इन्टरनेट खोल मोबाइल पर
देर तक चैटिय़ाउगा
मै भी मोबाइल फ़ोन बजाऊ गा
पियूष श्रीवास्तव
Friday, October 21, 2011
Mai Bhi Mobile Phone Bajaau Ga
Sunday, September 25, 2011
समझाने की मैं कोशिश करता
समझाने की मैं कोशिश करता
क्या तुम समझ भी पाती हो
तुम पर अपना प्यार लुटाता
क्या तुम इतरा जाती हो
छेड़ा करता तुमको ख्वाबो में
क्या तुम शरमा जाती हो
हर पल सोचा करता मैं तुमको
क्या याद मुझे भी तुम कर पाती हो
वक्त की सुई टिक-टिक चलती
क्या तुम घड़िया गिन पाती हो
मेरी आखों में अब नीद नहीं
क्या रातो को तुम सो जाती हो
तेरी हर एक धड़कन पहचान मैं जाता
क्या मेरी आहट तुम सुन पाती हो
हर अहसास तेरे अब मेरे
क्या महसूस मेरी सासों को तुम कर पाती हो
वर्षा करता रहता मैं पियूष की
क्या एक बूद भी पी पाती हो
समझाने की मैं कोशिश करता
क्या तुम समझ भी पाती हो
क्या तुम समझ भी पाती हो
तुम पर अपना प्यार लुटाता
क्या तुम इतरा जाती हो
छेड़ा करता तुमको ख्वाबो में
क्या तुम शरमा जाती हो
हर पल सोचा करता मैं तुमको
क्या याद मुझे भी तुम कर पाती हो
वक्त की सुई टिक-टिक चलती
क्या तुम घड़िया गिन पाती हो
मेरी आखों में अब नीद नहीं
क्या रातो को तुम सो जाती हो
तेरी हर एक धड़कन पहचान मैं जाता
क्या मेरी आहट तुम सुन पाती हो
हर अहसास तेरे अब मेरे
क्या महसूस मेरी सासों को तुम कर पाती हो
वर्षा करता रहता मैं पियूष की
क्या एक बूद भी पी पाती हो
समझाने की मैं कोशिश करता
क्या तुम समझ भी पाती हो
Labels:
My Love
Tuesday, May 31, 2011
Wednesday, May 25, 2011
I was alone
Ones a time I think I am fine
But I was wrong
Because I was alone
wind was blowing
moon was glowing
wave sounded good
but I was not happy
as I thought
I had no one
I was alone
Sunday, May 15, 2011
Wednesday, February 23, 2011
Tuesday, October 5, 2010
When We Will be Together
In the whole sky
I will give you chance
To fly
Not on only your thinking
Also your dream
Become true
Let me hold your hand
You will see How much your life change
Monday, September 20, 2010
अधूरे सपने
जिंदिगी के कुछ रिश्ते है
जो बन नहीं पाते
कुछ फासले होते है जिंदगी के
जो मिट नहीं पाते
मंजिले कई होती है जिंदगी की
कुछ मंजिले हम पा नहीं पाते
उड़ना तो चाहते है आकाश की उचाइयो में,
कुछ पर है जो खुल नहीं पाते
फस जाते है जिंदगी के उधेड़-बुन में
और कुछ सपने है जो पुरे हो नहीं पाते |
जो बन नहीं पाते
कुछ फासले होते है जिंदगी के
जो मिट नहीं पाते
मंजिले कई होती है जिंदगी की
कुछ मंजिले हम पा नहीं पाते
उड़ना तो चाहते है आकाश की उचाइयो में,
कुछ पर है जो खुल नहीं पाते
फस जाते है जिंदगी के उधेड़-बुन में
और कुछ सपने है जो पुरे हो नहीं पाते |
Labels:
Life,
My Dream,
Unfinished Dreams
अकेला मन
कोई न साथ निभायेगा
रे मेरे मन
माँ बाप संग तेरे
जिनके गोद में बिता तेरा बचपन
कब तक दोस्त संग तेरे
रिश्ते नाते प्यार भी तेरा
एक दिन साथ देगा छोड़ तेरा तन
कुछ तो ऐसा कर जायो, कि
याद करे सारे जन
लाखो की भीड़ में
तू अकेला, अकेला तेरा तन
वो मेरे मन |
रे मेरे मन
माँ बाप संग तेरे
जिनके गोद में बिता तेरा बचपन
कब तक दोस्त संग तेरे
रिश्ते नाते प्यार भी तेरा
एक दिन साथ देगा छोड़ तेरा तन
कुछ तो ऐसा कर जायो, कि
याद करे सारे जन
लाखो की भीड़ में
तू अकेला, अकेला तेरा तन
वो मेरे मन |
Labels:
Hindi Poem,
My Dream,
My Mind
Sunday, May 9, 2010
आरजू
सोचता है मन
जीवन का यह उपवन
दुखो कि बारिस
काटों भरा ये जीवन
शीतल पवन के झोके सा
आता जता सुख
पलके आशुओ में डूबी
हसी होठो से विमुख
पर्वत सा अचल मैं
कर्म पथ पर
करता प्रहार
चुनौतियो से घिरा संसार
अटल विश्वास
छुने कि आसमान की ऊँचाई
सपने मन में सजोये
मैं करता प्रयास
उन्हें करने को साकार
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